ART WASHES AWAY FROM THE SOUL,THE DUST OF EVERYDAY LIFE. ART HAS THE ROLE IN EDUCATION OF HELPING CHILDREN BECOME LIKE THEMSELVES INSTEAD OF MORE LIKE EVERYONE ELSE.
Sunday, October 28, 2018
Monday, October 8, 2018
God’s Power
नटराज का शब्दिक अर्थ है नृत्य सम्राट| नटराज रूप धारण करके शिव रचना करने वाला, रक्षक और विनाशक तीनों भूमिका दर्शाते हैं, भगवान शिव के नटराज स्वरूप के उत्पति का सम्बंध ‘आनंदम तांडव’ से है| हम सभी ने भगवान शिव को नटराज स्वरूप में एक बोनें राक्षस के ऊपर
नृत्य करते हुए देखा है| नटराज की इस मुद्रा में उस बौने राक्षस को
अज्ञानता का प्रतीक माना गया है और इस अज्ञानता पर बिजय प्राप्त करने के लक्ष्य को
‘आनंदम तांडव’ कहा जाता है |
भगवान शिव के नटराज रूप में उनके कंधे के समीप बाईं और अग्नि
प्रज्वलित दिखाए देती हैं, इसे विनाश का प्रतीक कहा जाता है | इस अग्नि का
अर्थ है अपने अंहकार को जला के भस्म कर देना | भगवान शिव का
उठा हुआ एक हाथ और एक पैर स्वतंत्रता का प्रतीक हैं | भगवान
शिव का लयबद्ध होकर नृत्य करना और अपनी गति में रहना दर्शाता है कि जीवन में गति
होना जरूरी है पर गति भी लय में हो तभी नियंत्रित रहती है |
Art by Santosh Kumar Maurya
Medium:- Acrylic
Size:-18 x 22 cm
Artwork :- Original
Natraja – “Lord Shiva”
THE DANCE OF SHIVA
शिव का नृत्य – तांडव नृत्य था ताल–नाद करते भगवान विभिन्न रुपो को
अपने चित्रो के द्वारा कैनवास पर चित्रित करने का प्रयास किया है | देवों के देव
महादेव कहलाने बाले शिव भोले नाथ के अनेकों रूप हैं | भगवान
शिव का रूप–स्वरूप जितना विचित्र है उतना ही आकर्षक भी | शिव जो धारण करते हैं उनके पीछे हमेशा कोई व्यापक अर्थ होता है | उसी प्रकार शिव के
हर अवतार धारण करने के पीछे भी सदैव कोई कारण होता है जिसमें की समस्त प्राणियों
का भला छुपा होता था उसके पीछे कोई सीख होती है | जैसे की अर्धनारीश्वर भगवान शिव का रूप नटराज जो तांडव नृत्य धारण किये हुए हैं |
Art by Santosh Kumar Maurya
Medium:- Acrylic
Size:- 16 x 20 cm
Style :- Contemporary Art
Artwork:- Original
Sunday, October 7, 2018
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